Instagram Widget

header ads

दिल्ली में बढ़ी लोगों की आमदनी, संकट के बीच गदगद हुए केजरीवाल; कर दिया ये वादा

 


दिल्ली में लोगों की सालाना आमदनी में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 2022 के मुकाबले 2023 में प्रति व्यक्ति आमदनी 14 फीसदी इजाफे के साथ 4 लाख 44 हजार दर्ज की गई है। देश भर में औसत आमदनी से ये 158 फीसदी अधिक है।दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस आंकड़े के दम पर अपनी सरकार की प्रशंसा की है। ED समन और लगातार उठ रहे विवादों के बीच केजरीवाल ने इशारों में बड़ी बात कही है।

दिल्ली सरकार के आर्थिक और सांख्यिकी विभाग ने शनिवार हैंडबुक-2023 जारी किया है। इसके मुताबिक, दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय 389,529 रुपये से बढ़कर 444,768 रुपये हो गई है। आंकड़ों का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा "यह किसी भी एक साल में किसी भी राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भारी बढ़ोत्तरी है। इसे 2 करोड़ दिल्लीवासियों और दिल्ली सरकार की दिन-रात की कड़ी मेहनत से हासिल किया गया है। कई अभिनव और दूरदर्शी कदम उठाए गए हैं।'' केजरीवाल ने प्रति व्यक्ति आय पर एक अखबार की रिपोर्ट संलग्न करते हुए एक्स पर लिखा। "लेकिन अभी और भी बहुत कुछ करने की जरूरत है।"

इंग्लिश राइटर रॉबर्ट फ्रॉस्ट की कविता 'स्टॉपिंग बाय वुड्स ऑन ए स्नोई इवनिंग' की पंक्तियों को केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "MIles to go Before I Sleep (अभी बहुत कुछ करना बाकी है)"

दिल्ली सरकार द्वारा जारी हैंडबुक में जानकारी दी गई है कि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में लगभग 2.8 लाख की वृद्धि हुई और 2022-23 में 1 लाख से अधिक पानी के कनेक्शन जोड़े गए। वहीं, 2022-23 में 3 करोड़ 41 लाख लोगों से बिजली बिल नहीं लिया गया है।

शनिवार को हैंडबुक जारी करते हुए योजना मंत्री आतिशी ने कहा,'' बिजली की बढ़ती मांग के बावजूद केजरीवाल सरकार ने दिल्लीवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।" योजना मंत्री आतिशी ने आगे कहा कि 2023 में कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, केजरीवाल सरकार दिल्ली के लोगों के कल्याण और शहर की प्रगति पर ध्यान देती रही है। जारी किये गए आंकड़े इसको साबित भी करते हैं।

ED समन, CBI जांच और कई अन्य आरोपों से घिरे केजरीवाल और दिल्ली सरकार इस आंकड़े के दम पर सियासी दम भर रहे हैं। 2024 के चुनाव से ऐन पहले भाजपा और कांग्रेस की तरफ से लग रहे आरोपों पर केजरीवाल एक बार फिर चुनावी प्रचार अभियान में दिल्ली मॉडल का का हवाला दे सकते हैं। राजधानी में भी आप सरकार की छवि सुधारने में ये आंकड़े आधार बन सकते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ