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दोनों के पास से मिले आधार कार्ड से हुई पहचान बताया जाता है कि सुबह ग्रामीण एवं टाटा छपरा एक्सप्रेस के चालक ने स्टेशन प्रबंधक को सूचना दी कि अप लाइन के दुधिजोर पुल के समीप दो शव रेलवे लाइन पर पड़ा हुआ है।

सूचना पर स्टेशन प्रबंधक ने रेल पुलिस को घटना की सूचना दी।

रेल पुलिस ने आउटर सिग्नल से बाहर शव रहने के बात कह पल्ला झाड़ लिया। जबकि स्थानीय पुलिस ने शव आउटर सिग्नल के भीतर रहने की बात कही। सीमा विवाद के कारण सुबह 6 बजे से 8 बजे तक अप लाइन में रेल परिचालन ठप रहा।

जब पुलिस शव को नही उठाई तो आरपीएफ ने पीडब्लूआई के कर्मचारी के सहयोग से शव को रेलवे लाइन से बाहर कर ट्रेन परिचालन प्रारंभ कराया। बाद में स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंच शव की तलाशी ली तो दोनों के पास से आधार कार्ड निकला। जिससे दोनों की पहचान हो पाई।


इस वजह से दोनों ने दी होगी जान

पुलिस से लेकर आमलोग भी शव को देख प्रेम प्रसंग में दोनों के आत्महत्या करने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों प्रेमी युगल घर से शादी करने के लिए निकले होंगे। दोनों के प्रेम में घर वाले अड़चन लगा रहे होंगे। इसी कारण दोनों ने आत्महत्या करने का मन बना लिया।

स्टेशन से दोनों रेलवे लाइन के माध्यम से यहां पहुंचे होंगे और ट्रेन के नीचे आकर जान दे दी। पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया है। स्वजन के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात पुलिस कर रही है।

मृतक प्रमोद पहले से था शादीशुदा

लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के चिनवेरिया निवासी मृतक प्रमोद दास की पहली शादी लखीसराय जिला के चंदन थाना क्षेत्र में हुई थी। उसके दो बच्चा भी हैं। पत्नी को प्रमोद दास रखना नहीं चाहता था।

इस मामले को लेकर कई बार पंचायत एवं थाना द्वारा भी डांट फटकार कर रखने को कहा गया था। इधर, प्रमोद दास बनीता से प्यार कर बैठा। दोनों तीन माह से फरार थे और बेंगलुरु में रह रहे थे।

तीन बच्‍चों का पिता है सुनील

सुनील यादव पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चों का पिता भी है। वह अपनी प्रेमिका सास से मिलने उसके घर पहुंचा था। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पेड़ से बांध दिया। पेड़ से बांधे जाने के बाद सुनील यादव की पत्नी मौके पर पहुंची और थप्पड़, चप्पल और झाड़ू से उसकी पिटाई करती रही।

इस दौरान गांव के लोगों की भीड़ भी वहां एकत्रित हो गई और लोग इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। हालांकि इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई है। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष राजवर्धन कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की सूचना नहीं है।

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