उत्तर प्रदेश के बरेली में एक महिला को निर्वस्त्र कर मारपीट करने और उसके पति को पेड़ में बांध कर पीटने का मामला सामने आया है. पीड़िता आरोपियों के पास मजदूरी के पैसे मांगने गई थी. इस बात से नाराज होकर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया है.
पीड़िता ने इस संबंध में छह लोगों के खिलाफ पुलिस में लिखित शिकायत दी है. पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. हालांकि पुलिस की प्राथमिक जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाए गए हैं.
पीड़िता ने बताया कि उसके माता पिता मुस्लिम हैं, लेकिन उसने अपने हिन्दू प्रेमी के साथ भाग कर शादी की है. उसने बताया कि वह अपने पति के साथ मजदूरी करती है और इसी से परिवार का भरण पोषण करती है. इसी क्रम में वह अपनी मजदूरी के पैसे मांगने के लिए गांव के गंगाधर के घर पहुंची थी. लेकिन गंगाधर ने रुपये देने से मना कर दिया. इसके बाद वह अपने घर लौट आई. लेकिन थोड़ी ही देर बाद गंगाधर आधा दर्जन से अधिक लोगों को साथ लेकर उसके घर में घुस आया.
आरोपियों ने पहले उसके कपड़े फाड़ दिए और मारपीट शुरू कर दी. उसके पति ने बचाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसे पेड़ से बांध दिया और लाठी डंडे से पिटाई की. पीड़िता ने बताया कि उसका पति आरोपियों के सामने रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा. उसकी चींख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे पास पड़ोस के लोगों ने बड़ी मुश्किल से आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया.पीड़िता ने बताया कि जाते जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी है. उधर, पुलिस ने बताया कि मामला शहर के सीबी गंज थाना क्षेत्र का है. पीड़िता की तहरीर पर छह आरोपियों के खिलाफ मारपीट और छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
इस संबंध में पीड़िता ने ब्लाक प्रमुख पति और सांसद प्रतिनिधि रविशंकर गंगवार से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और खुद की सुरक्षा की गुहार की है. वहीं एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हुए हैं. महिला ने आरोपियों के खिलाफ जान बूझकर इस तरह के आरोप लगाए हैं.
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