ऐसे उठा हत्याकांड से पर्दा
राजबाला हत्याकांड में पुलिस को कोई क्लू नहीं मिल पाया। इसके बाद पुलिस ने परिवार से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों को जुटाया। राजबाला पर हमले से पहले बेटे संचित से आमिर और राशिद की काफी बातचीत हो रही थी। हमले के बाद अचानक ही बातचीत कुछ दिनों के लिए बंद हो गई। इसके बाद दोबारा से बातचीत शुरू हो गई। तभी पुलिस ने राशिद और आमिर के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए। मोबाइल पर दोनों राजबाला पर हुए हमले की बात करने लगे। तभी पुलिस ने राशिद और आमिर को पकड़ लिया। उन्होंने पूछताछ के दौरान राजबाला की हत्या करना कबूल कर लिया। बताया कि बेटे संचित के बचपन के दोस्त हैं। संचित ने ही मां की हत्या करने के लिए सुपारी दी थी।
मेरठ में बुक कर लिया था 28 लाख में फ्लैट
शादीशुदा महिला से शादी कर साथ रखने के लिए संचित ने मां को बिना बताए ही मेरठ में 28 लाख का फ्लैट खरीद लिया था। बुकिंग के लिए आठ लाख की रकम भी दे दी थी। इस बात को लेकर राजबाला और संचित में कहासुनी भी हो गई थी। तभी संचित ने तय कर लिया था कि दोनों में से एक का मरना तय है। उसके दोस्तों ने मां की हत्या करना तय कर दिया।
हमले के बाद आमिर ने ही दी थी संचित को सूचना
संचित की प्लानिंग ऐसी थी कि तीन महीने तक पुलिस भी चक्कर खाती रही। पूछताछ में बताया कि राजबाला दूध लेकर आई थी। गेट खोलकर अंदर घुसी। तभी पीछे से सिर पर लोहे की राड से राशिद ने हमला दिया। इसके बाद आमिर ने धारदार हथियार से वार किए। मरा समझकर दोनों बाहर आ गए। बाहर आने के बाद आमिर ने ही संचित को काल कर सूचना दी थी। बाकायदा आमिर ने बताया कि पुलिस की हर चाल पर तीनों नजर रखकर अपनी गतिविधियों को बदल देते थे।






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