अपर सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम) तरूण कुमार सिंह के न्यायालय ने कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव में करीब 9 साल पहले किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश ने अभियुक्तों पर 26-26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मुकदमे के विचारण के दौरान तीसरे आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।
सोमवार को विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार शर्मा व धर्मेंद्र सिंह राघव के अनुसार 1 अक्तूबर 2014 को कोतवाली देहात में एक गांव निवासी पीड़ित व्यक्ति ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 28 सितंबर 2014 को वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ रिश्तेदारी में एक धार्मिक अनुष्ठान में गया था, जबकि घर में उनकी 15 वर्षीय बेटी अकेली थी। गांव के ही तीन आरोपी उनके घर में घुस आए। दो आरोपियों ने उनकी पुत्री को तमंचा दिखाकर चारपाई से बंधक बनाते हुए मुंह में कपड़ा ठूस दिया। एक आरोपी वीरपाल ने उनकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया, जबकि अन्य दो आरोपी कल्लन और गुड्डू ने सहयोग किया। घटना के तीन दिन बाद पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना उपरांत आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। न्यायालय में वाद विचारण के दौरान आरोपी कल्लन की मृत्यु हो गई। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर आरोपी वीरपाल एवं गुड्डू को दोषी पाया। न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्तों को 10-10 साल की कैद और 26-26 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।






0 टिप्पणियाँ