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मेरठ: उम्र 16 साल.....दोस्त का दम निकलने तक हथौड़े से किए अनगिनत वार

 


मेरठ/कंकरखेड़ा। चेहरा मासूम, उम्र 16 साल, लेकिन कारनामा पेशेवर अपराधी से भी ज्यादा क्रूर। आरोपी ने दोस्त अभिनव के सिर पर हथौड़े से अनगिनत वार किए। चेहरे को बुरी तरह कूच दिया। आंखें, दांत और सिर का पता ही नहीं चल रहा।जिसने भी अभिनव का शव देखा वह कांप गया।

रोहटा रोड वर्णिका स्टेट निवासी हत्यारोपी किशोर और अभिनव के बीच तीन साल से दोस्ती थी। दोनों ने अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। आरोपी ने 12वीं कक्षा और अभिनव ने 11 में पंजीयन करा रखा था। वे आईआईटी की तैयारी कर रहे थे। दोनों एक साथ ही कोचिंग जाते थे। दोनों की अच्छी दोस्ती थी। आरोपी के मुताबिक अभिनव ने उसके फोन से उसकी गर्लफ्रेंड के फोटो और वीडियो उसके फोन से ले लिए थे। उन्हीं के बल पर वह उसकी गर्लफ्रेंड को ब्लैकमेल करने लगा था। अभिनव को उसने कई बार समझाया, मगर वह नहीं माना। तब उसने हत्या की योजना बनाई। हथौड़ा उसने घर से ही बैग में रख लिया था। 

शनिवार को वह अपने दोस्त अभिनव के साथ उसकी स्कूटी से कोचिंग के लिए निकला। वह बहाने से उसे गढ़ रोड पर ले गया। वहां चकरोड से टयूबवेल के पास ले लिया। बातचीत के दौरान उसने थैले में पहले से रखे हथौड़े को निकालकर अभिनव के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। उसकी मौत होने पर भी वह सिर पर हथौड़े मारता रहा। दोस्त की हत्या कर वह देर शाम को घर पहुंचा और रात को आराम से सो गया। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। उधर, एसएसपी डॉ विपिन ताडा का भी कहना है कि चेहरे पर काफी प्रहार किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी काफी चोटें आई हैं।

चार घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा

शनिवार देर शाम तक छात्र वापस नहीं आया तो परिजनों ने किशोर से पूछताछ की। इस पर किशोर ने बताया कि उसने अभिनव को बेगमपुल पर छोड़ दिया था। जहां से अभिनव अपने एक दोस्त के साथ चला गया। शक होने पर परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलकर घटना की जानकारी देता। वह चार घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा। सख्ती से पूछने पर उसने अपना जुर्म कबूल लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर अभिनव का शव बरामद किया।

मौत की सूचना पर परिजनों का रोकर बुरा हाल

इकलौते बेटे की हत्या की सूचना मिलने के बाद पिता सुनील और मां कविता का बुरा हाल हो गया। मां बेबस होकर बार-बार बेटे को याद कर रही थी। मां के आंसू देख कर अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं। पड़ोसियों व रिश्तेदारों ने किसी तरह मां को संभाला। छोटी बहन आराध्या भाई अभिनव को याद कर फफक पड़ी।

हत्यारोपी ने अभिनव का आईफोन बेच दिया 

परिजनों ने अभिनव के नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद था। पुलिस पूछताछ के दौरान हत्यारोपी ने बताया कि उसने आबूलेन स्थित एक दुकान पर अभिनव का मोबाइल बेच दिया है। वहीं आरोपी ने भी अपना मोबाइल पहले ही दुकान पर बेचकर आठ हजार रुपये जुटाए थे। उन्हीं पैसों से दावत कर वह अभिनव को बहकाकर ले गया। 

बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे सुनील

वर्णिका स्टेट कॉलोनी में सुनील अपने परिवार के साथ खुशहाली से रह रहे थे। बेटा अभिनव आईआईटी की तैयारी कर रहा था। पिता ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा पढ़ने में बहुत होशियार था। वह आईआईटी कर इंजीनियर बन कर अपने पिता का सीना गर्व से चौड़ा करना चाहता था। बेटे की बात करते-करते पिता की आंखें नम हो गईं।

पूर्व सैन्य कर्मी का बेटा है हत्यारोपी

हत्यारोपी के पिता हवलदार के पद पर थे। तीन साल पहले ही रिटायर हुए हैं। वह मूल रूप से बागपत जिले के रहने वाले हैं। रिटायर होने के बाद उन्होंने वर्णिका स्टेट कॉलोनी में मकान बना लिया था। 

पुलिस के कार्यशैली पर उठाए सवाल 

परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर जमकर सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बेटे का शव मोर्चरी भेजने के बाद जानकारी दी। इस दौरान पुलिस ने उन्हें लगभग तीन घंटे तक घटना के बारे में नहीं बताया। पिता सुनील ने बताया कि वह शनिवार को थाने पर लगभग पांच बजे अपने परिजनों के साथ गुमशुदगी दर्ज करने के लिए पहुंचे थे। लेकिन थाने पर मौजूद पुलिसकर्मी ने उन्हें चौकी भेज दिया था। वहीं चौकी से वापस पीड़ित परिवार को थाने भेज दिया था। परिजनों के अनुसार वह कई समय तक चौकी से थाने और थाने से चौकी पर चक्कर लगाते रहे। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। 

हत्यारोपी को भेजा बाल सुधार गृह

पुलिस ने शनिवार शाम को हत्यारोपी किशोर को किशोर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायालय ने बाल सुधार गृह भेज दिया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मृतक के पिता की ओर से आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। जरूरत पड़ने पर आरोप को रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपी से हथौड़ा और स्कूटी बरामद कर ली है।

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