Instagram Widget

header ads

WITT Satta Sammelan: क्या ED को अदालत पर भरोसा नहीं, इतनी जल्दबाजी क्यों है- CM केजरीवाल

 देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क टीवी9 के व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे के ‘सत्ता सम्मेलन’ में आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शराब नीति मामले में ईडी का समन का मकसद जांच करना नहीं है बल्कि उन्हें गिरफ्तारी करने का है.

उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ वही करूंगा जो कानूनी रूप से जायज है. मैं कोर्ट में जाकर बताऊंगा कि इनका समन गलत है.

व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे के ‘सत्ता सम्मेलन’ में ‘अरविंद का अग्निपथ’ सत्र में सीएम केजरीवाल ने ईडी के समन पर कहा कि पूरा देश देख रहा है कि इनका मकसद बुलाने और जांच करने का नहीं है बल्कि गिरफ्तार करने का है. मेरे पास कुछ वालंटियर्स को फोन आए जो दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में काम कर रहे थे. उन लोगों ने मुझसे कहा कि ईडी के पास जाने की जरूरत नहीं है. उनका मकसद जांच करने का नहीं है.

ये समन गैरकानूनीः CM केजरीवाल

कोर्ट के आदेश के बाद ईडी के सामने जाने की बात पर उन्होंने कहा, “मैं वही करूंगा जो कानूनी रूप से जायज है. मैं कोर्ट में जाकर यह बताऊंगा कि कैसे ये समन गैरकानूनी है. क्या ईडी को कोर्ट पर भरोसा नहीं रह गया है. कोर्ट अगर कहेगा तो जरूर जाऊंगा. लेकिन इनके समन बिल्कुल गलत है.” उन्होंने कहा कि ईडी को अदालत पर भरोसा नहीं है, आखिर उन्हें इतनी जल्दबाजी क्यों है.

आम आदमी पार्टी तोड़े जाने की बात पर अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कई बार इन लोगों ने हमारे विधायक को तोड़ने की कोशिश की लेकिन तोड़ने में कामयाब नहीं हो पाए. हमारे लोग बहुत मजबूत हैं और हमारे साथ खड़े हैं. अगर ईडी का शिकंजा किसी पर होता है और वो दोषी होता है तो वह तुरंत बीजेपी में चला जाता है, लेकिन कोई ईमानदार है और वह समझौता नहीं करता तो वह जेल में ही बना रहता है.

4 लाख मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमताः केजरीवाल

देश में बिजली उत्पादन की क्षमता की जिक्र करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि देश में बिजली बनाने की क्षमता 4 लाख मेगावाट है. जबकि यहां पर पिक समय में जब बिजली की भारी मांग हो जाती है तब यह मांग 2 लाख मेगावाट ही होती है. हमारे लिए 4 लाख मेगावाट बिजली उत्पादन करना कोई बड़ी बात नहीं है. बस इच्छा शक्ति की कमी है. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की सारी कच्ची कॉलोनियों में सड़कें बनाई जा रही हैं. करीब 900 कॉलोनियों में सड़कें बन चुकी हैं. केंद्र से पैसा आएगा तो और भी काम होगा.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ