
Retail inflation: महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों के लिए राहत की खबर है। जनवरी में देश की खुदरा महंगाई दर घटकर 5.10 फीसदी पर आ गई है। यह पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है। इसके पहले दिसंबर 2023 में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई दर 5.69 फीसदी पर थी।
आज 12 फरवरी को केंद्र सरकार ने ये आंकड़े जारी किए हैं। जनवरी महीने का खुदरा महंगाई का आंकड़ा उम्मीदों के मुताबिक है। अर्थशास्त्रियों ने उम्मीद जताई थी कि 2024 के पहले महीने में कीमतें सालाना आधार पर 5.09 फीसदी बढ़ सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में लगातार छठी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। इस तरह रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। इस बीच महंगाई के मोर्चे पर आम लोगों को राहत मिलती दिख रही है। अगस्त 2023 में मुद्रास्फीति 6.83 फीसदी के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।

खाने-पीने की चीजें हुईं सस्ती
खाने-पीने की चीजों की कम कीमतों के कारण खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट देखने को मिली है। जनवरी महीने में कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स 8.3 फीसदी पर है। यह दिसंबर 2023 से 0.7 प्रतिशत कम है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को यह सुनिश्चित करने का काम सौंपा है कि खुदरा महंगाई 2 फीसदी के घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी पर बनी रहे। सब्जियों की कीमतों में जनवरी में 4.2 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है। वहीं, फलों के दाम पिछले महीने के मुकाबले जनवरी में 2 फीसदी कम हो गए हैं। कुल मिलाकर, फूड इन्फ्लेशन दिसंबर 2023 में 9.53 फीसदी से कम होकर 8.30 फीसदी पर आ गई है।
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