आईपीएल की नीलामी में कई तरह की हैरान करने वाली चीजें मिलती हैं. बड़े से बड़े इंटरनेशनल क्रिकेटर को बहुत कम कीमत मिलती है तो वहीं कई बार जिस खिलाड़ी का नाम तक नहीं सुना होता वो करोड़ों कमा ले जाता है.
कुशाग्र अगले साल खेले जाने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम इंडिया का हिस्सा हैं. उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ था. झारखंड से खेलते हुए कुशाग्र ने रणजी ट्रॉफी मैच में 266 रनों की पारी खेली. इसी के साथ वह फर्स्ट क्लास में दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. 17 साल से ये रिकॉर्ड मियांदाद के नाम था.
गांगुली ने किया था वादा
कुशाग्र कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दिल्ली कैपिटल्स के लिए ट्रायल्स देने गए थे. तब गांगुली ने कुशाग्र के पिता से कहा था कि वह नीलामी में कुशाग्र के लिए 10 करोड़ तक की बोली लगाएंगे. ये बात कुशाग्र के पिता शशिकांत ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से कही. शशिकांत ने ये भी बताया कि गांगुली कुशाग्र की छक्के मारने की काबिलियत से काफी प्रभावित हुए थे और उन्होंने इस युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज की तुलना एमएस धोनी से तक कर दी थी. शशिकांत ने कहा कि उन्हें लगा था कि गांगुली ने ये बातें कुशाग्र को मोटिवेट करने को कही हैं लेकिन गांगुली ने अपना वादा निभाया. कुशाग्र को दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.
ब्रैडमैन, वॉ की किताबों से सिखाई बैटिंग
शशिकांत तो टीम इंडिया के लिए नहीं खेल पाए लेकिन उन्होंने अपने बेटे को वहां तक पहुंचाने के लिए काफी मेहनत की. उन्होंने वो रास्ता इख्तियार किया जो कोई सोच भी नहीं सकता था. शशिकांत ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के महान बल्लेबाजों की किताबें खरीदीं, फिर चाहे वो डॉन ब्रैडमैन हों या स्टीव वॉ. उन्हें पढ़ा और उनसे सीखते हुए अपने बेटे को बल्लेबाजी के गुर सिखाए. उन्होंने बताया कि इस तरह उन्होंने 60-70 शॉट्स की तकनीक अपने बेटो को सिखाई. वह हर दिन एक नए शॉट का अभ्यास उन्हें कराते थे.






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