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UP: "भावुकता में निकली बात", छुट्टी का मुद्दा उठाने वाले कॉन्स्टेबल ने वापस लिया बयान

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बागपत (Baghpat) जिले में तैनात हेड कॉन्स्टेबल ओमवीर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कथित वीडियो में यूपी पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आपबीती सुना रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने आए दिन सिपाहियों की खुदकुशी से होने वाली मौतों का भी जिक्र किया है. यही नहीं हेड कॉन्स्टेबल ने बागपत कप्तान पर छुट्टी न देने का भी आरोप लगाया है. क्या है पूरा मामला?: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कोतवाली इलाके में तैनात यूपी पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है. इस तथाकथित वीडियो में कॉन्स्टेबल ओमवीर अपनी मुश्किलें बयान करते हुए सुने जा सकते हैं. वो कहते हैं कि यह वीडियो बनाने का उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि वो लोग तक अपनी और कुछ कर्मचारियों की समस्याओं को पहुंचा सकें. ओमवीर, हेड कॉन्स्टेबल, बड़ौत, बागपत, UPमैं बहुत आहत हूं, एक-डेढ़ साल में कम से कम 10-12 कॉन्स्टेबलों ने आत्महत्या कर ली हैं, लेकिन किसी भी नेता या उच्च अधिकारी को इस पर कोई बयान और सहानुभूति नहीं आई है. मैं ये वीडियो इसलिए बना रहा हूं क्योंकि हाल ही में 2 खुदकुशी से मौत का मामला सामने आया है- एक मेरठ में और दूसरा अयोध्या में. उन्होंने आगे सवाल खड़ा करते हुए कहा कि क्या किसी ने सोचा क्या कि ये आत्महत्याएं क्यों हो रही हैं? क्या किसी ने संज्ञान लिया आज तक? क्या हम लोग इंसान नही हैं? क्या हम लोगों की कुछ समस्या नही हो सकती है? हम लोग क्यों इतना प्रेशर में रहते हैं...न हम लोग घर को देख सकते हैं और ना ही परिवार को देख सकते हैं. "मैं इसलिए आहत हूं क्याेंकि...": वीडियो में कॉन्स्टेबल ने आगे कहा कि मैं इसलिए आहत हूं क्योंकि अभी 20 जुलाई को मेरी बहन की मौत हुई, उस तक पर भी मुझे छुट्टी नहीं मिल पाई. उसके दो बच्चे हैं, उसकी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है. हमारी पोस्टिंग इतनी दूर कर दी जाती है कि न हम बच्चे देख सकते हैं, न अपनी बीमार मां को देख सकते हैं और ना ही परिवार को. मेरा इतना अनुरोध है कि कम से कम ये बॉर्डर स्कीम हटा दी जाएं. अपने जिले के बराबर वाले जिले में रहेंगे, तो कम से कम ये देखते रहेंगे कि हमारे घर में क्या हो रहा है. कुछ तो हम लोगों को मानसिक शांति मिलेगी. ओमवीर, हेड कॉन्स्टेबल, बड़ौत, बागपत, UPचुनाव ड्यूटी से आए तो त्योहार ड्यूटी, उससे आए तो रात के गस्त की ड्यूटी...क्या आप सब ने कभी सोचा कि हम लोग भी इंसान हैं, हम लोगों को भी रेस्ट चाहिए. आज कल अधिकारियों के पास छुट्टी लेने जाइए तो छुट्टी सात दिन लेनी है, तो वो उसे तीन दिन करके देंगे. जब हमारे लिए एक साल में तीस दिनों की छुट्टी निर्धारित है, तो उसे देने में क्या दिक्कत आती है. हम लोग अपनी समस्या के लिए ही छुट्टी लेना चाहते हैं. "मैं हांथ जोड़कर कह रहा हूं...": कॉन्स्टेबल ओमवीर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के आस-पास जितने स्टेट हैं, उसमें होम डिस्ट्रिक्ट ड्यूटी है...होम डिस्ट्रिक्ट ना करके, बराबर के जिले में ही कर दें. मैं हांथ जोड़कर कह रहा हूं...मैं आहत हूं और परेशान हूं. इस वीडियो को अन्यथा ना लिया जाए. मैं अनुशासनहीनता नहीं कर रहा हूं. आप तक आपकी बात पहुंचाने का केवल एक जरिया है. मैं मुख्यमंत्री जी से हांथ जोड़कर कहता हूं कि ये जितनी भी आत्महत्याएं हो रही हैं, इस संज्ञान लें. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, तो लखनऊ में बैठे हाई लेवल के ऑफिसर तक पहुंचा. इसके बाद बागपत पुलिस में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी. इसके बाद बागपत पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि हेड कॉन्स्टेबल ओमवीर को उसकी बहन की मौत होने पर 20 जुलाई को पांच दिनों के लिए छुट्टी दी गई थी. इसके बाद 2 अगस्त को उसे 7 दिनों का अवकाश दिया गया था. जिसके बाद वह 10 अगस्त को वापस अपनी ड्यूटी पर आया है. आगे कहा गया कि वायरल वीडियो में छुट्टी न मिलने की बात गलत है, जिसका ओमवीर द्वारा ही एक और नया वीडियो बनाकर भूल सुधार किया गया है और उसमें कहा गया है कि उसने गलती से छुट्टी न मिलने की बात कह दी थी. "भावुकता में बात निकल गई": मामला बढ़ने के बाद हेड कॉन्स्टेबल ओमवीर का एक और वीडियो सामने आया है. इस कथित वीडियो में वो कहते हैं कि मैंने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें मैंने अपनी बहन की मौत होने पर छुट्टी ना मिलने की बात कही, जबकि उस वक्त पांच दिन की छुट्टी पर गया था. उसके बाद फिर 2 अगस्त को मुझे छुट्टी मिली, इस दौरान मैं सात दिन के बाद वापस आया था. छुट्टी ना मिलने की बात मैं भावुकता से निकल गई. उन्होंने आगे कहा कि मैं केवल ये व्यक्त करना चाहता था कि यह भी समस्या हो सकती है. मुझे व्यक्तिगत छुट्टी मिली थी और मैं गया था.

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