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UP:फॉर्च्यूनर वाला गनर, दौलत की कहानी सुन उड़े अफसरों के होश

यूपी का फॉर्च्यूनर वाला गनर, दौलत की कहानी सुन उड़े अफसरों के होश
खाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के गनर रहे अजय कुमार सिंह के कई कारनामे चौकाने वाले सामने आ रहे हैं. यह पूरा मामला आय से अधिक संपत्ति का है. जब आय से अधिक संपत्ति की जांच अजय कुमार तक पहुंची तो उसने 40 लाख रुपए से अधिक की कीमत वाली फॉर्च्यूनर कार पांच लाख में और 18 हजार रुपए में अल्टो कार को खरीदने की बात कही है.

इतने सस्ते में खरीदे गए गाड़ियों के बारे में जब जांचकर्ता ने जवाब मांगा तो उसकी तरफ असंतोषजनक जवाब मिला.


यही नहीं गनर रहे अजय कुमार से जब उसकी चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया तो उसने खरीदे गए फ्लैट की भी कीमत लागत से आधी बताई थी. इसके अलावा कम समय में 26 लाख रुपए कैश में खर्च किए गए पैसे का भी ब्योरा ठीक से नहीं दे पाया. यह सभी बातें जब TV9 भारतवर्ष ने जांचकर्ता से बातचीत कर मांगे गए ब्योरा और लगाए गए जवाब का पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई हैं.

5 साल के भीतर खरीदे दो फ्लैट

पुलिस विभाग में दीवान की नौकरी करने वाले अजय कुमार सिंह ने कम समय में ही अकूच संपत्ति बना ली. यही कारण है कि अजय कुमार सिंह आय से अधिक संपत्ति बनाने को लेकर पुलिस विभाग से लेकर आम जनता के बीच अक्सर चर्चाओं में रहते हैं. अजय कुमार ने 5 साल के भीतर 2 फ्लैट खरीदे हैं, जिसकी लगभग करोड़ों रुपए से अधिक की कीमत बताई जा रही है.

वहीं, जांचकर्ता द्वारा मांगे गए जवाब पर अजय कुमार सिंह ने एक फ्लैट की कीमत मात्र 39 लाख तो दूसरे फ्लैट की कीमत 22 लाख बताई है. जबकि सूत्रों की मानें तो यह फ्लैट की कीमत करोड़ों में है. अभी 2 दिन पहले ही अजय कुमार सिंह पर कर्नलगंज थाने में केस दर्ज किया गया था. आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई.

केस भ्रष्टाचार निवारण संगठन में ट्रांसफर

आरोपी दीवान अजय कुमार पर दर्ज केस को अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन में ट्रांसफर किया गया है. कर्नलगंज थाने में केस से संबंधित डॉक्यूमेंट जैसे ही एफआईआर कॉपी वादी की ओर से उपलब्ध कराई गई है. उसके बाद जांच रिपोर्ट की कॉपी भ्रष्टाचार निवारण संगठन के प्रयागराज इकाई के थाने में भेज दिया गया.

और भी महंगी गाड़ियों की हो जांच

सूत्रों का कहना है कि अब यहां नए अपराध संख्या के साथ केस रजिस्टर्ड किया जाएगा. फिर विवेचक की नियुक्ति की जाएगी. जो इस पूरे मामले की जांच करेगा. सूत्र यह भी बताते हैं कि शिकायतकर्ता डॉक्टर नूतन ठाकुर ने यह भी दावा किया है कि अजय कुमार के पास बिना नंबर की एमजी हेक्टर गाड़ी तक है. उस गाड़ी को इसने अपने किसी परिवार के सदस्य के नाम पर ले रखा है. उस गाड़ी की भी जांच होनी चाहिए. ऐसे में देखा जाए तो धीरे-धीरे अब अजय कुमार के खिलाफ चल रही जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. आने वाले दिनों में अजय कुमार सिंह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

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