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Syphilis Disease: सिफलिस बीमारी अमेरिका में मचा रही आतंक, क्या भारत में भी बढ़ेगा खतरा?

Syphilis Disease: सिफलिस बीमारी अमेरिका में मचा रही आतंक, क्या भारत में भी बढ़ेगा खतरा?

मेरिका में सिफलिस नाम की बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हर नए दिन के साथ ये संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है. सिलफिस एक सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारी है. ये शारीरिक संबंधों के जरिए फैलती है.

अमेरिका में महिलाओं में इस बीमारी के मामले ज्यादा आ रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, सिलफिस की बीमारी जानलेवा भी हो सकती है. अगर समय पर इलाज न कराएं तो शरीर के कई ऑर्गन पर एक साथ असर पड़ सकता है.

अमेरिका में बीते कुछ दिनों में ही इस बीमारी के मामलों में 90 फीसदी तक का इजाफा हुआ है. डॉक्टरों के मुताबिक, सिलफिस की बीमारी एक बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होती है. इस बैक्टीरिया को ट्रैपोनेमा पैलिडम कहते हैं. ये बैक्टीरिया शारीरिक संबंध बनाने से और संक्रमित व्यक्ति के किसी घाव के संपर्क में आने से भी फैल सकता है. ये बीमारी संक्रमित मां से उसके बच्चों में भी फैल जाती है.

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, ये बीमारी किसी को छूने या उसके कपड़े या बर्तन के इस्तेमाल से नहीं फैलती है. लेकिन संक्रमित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इसका आसानी से शिकार हो सकते हैं.

क्या होते हैं लक्षण

इस बीमारी के लक्षण शुरू होने में दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है. शुरुआत में शरीर में हल्का बुखार आने के साथ ही दाने निकलते हैं. बाद में मांसपेशियों में दर्द, वजन का तेजी से घटना और बालों के झड़ने जैसी समस्या हो सकती है. अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत इलाज कराना चाहिए.

क्या भारत में भी फैल सकती है ये बीमारी?

सफदरजंग हॉस्पिटल में कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट में एचओडी प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर बताते हैं कि कोई भी बीमारी एक से दूसरे देश में तब फैलती है जब कोई संक्रमित व्यक्ति दूसरे देश में आता है, हालांकि सिलफिस हवा या किसी वायरस की वजह से नहीं फैलती है तो इसके ज्यादा खतरा नहीं है. इस बीमारी के कुछ मामले भारत में भी आते हैं. यहां इस डिजीज से कभी कोई गंभीर खतरा नहीं रहा. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है.

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