दिल्ली में अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं. महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है. बीते तीन दिन की बात की जा जाए तो राजधानी में तीन महिलाओं को दरिंदों ने मौत के घाट उतार दिया है.
नई दिल्ली: तमाम दावों के विपरीत राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. हाल यह है कि दिल्ली में पिछले 3 दिनों से रोजाना एक महिला की निर्मम हत्या हो रही है, जिससे देश की राजधानी में महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार महिलाओं के खिलाफ होने वाले इस तरह के अपराध पर लगाम क्यों नहीं लग पा रहा है? क्या अपराधियों में कानून का डर नहीं है?.
बृहस्पतिवार को डाबड़ी इलाके में रेनू नाम की महिला की उसके ही दोस्त आशीष ने हत्या कर दी थी. इसके बाद आशीष खुद भी गोली मारकर खुदकुशी कर ली. आरोपी और महिला एक-दूसरे को पहले से जानते थे. अभी इस सनसनीखेज वारदात पर लोगों की नजर बनी ही थी कि शुक्रवार को मालवीय नगर इलाके में नरगिस नाम की लड़की की हत्या उसके ही मौसेरे भाई ने कर दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मृतक नरगिस के सिर पर रोड से आठ से 10 वार किए गए थे. इस कारण मौके पर उसकी मौत हो गई. मृतक लड़की का मौसेरा भाई इरफान उससे शादी करना चाहता था, लेकिन लड़की के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे. इसी से नाराज होकर इरफान कई दिनों से उसकी हत्या की साजिश रच रहा था. शुक्रवार को मौका देखकर उसने नरगिस की जान ले ली.
वहीं, शनिवार सुबह बवाना इलाके में 30 वर्षीय महिला हेमलता का शव पेड़ से लटका मिला, तो इलाके में सनसनी फैल गई. प्रारंभिक जांच में पता चला कि ससुराल में झगड़ा होने के बाद रात में महिला घर से निकली थी, लेकिन शनिवार सुबह उसका शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला ने खुदकुशी की है या फिर हत्या के बाद उसके शव को पेड़ पर लटका कर आत्महत्या का रूप दिया गया है.
कारण- प्रेम प्रसंग, ब्रेकअप व अलगाव
गौरतलब है कि इससे पहले शाहबाद डेयरी इलाके में 16 साल की लड़की की हत्या और उसके बाद वायरल हुई वारदात की वीडियो को देखकर दिल दहल उठा था. दिल्ली में प्रेम प्रसंग, ब्रेकअप या अलगाव के बाद ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती है. सबसे दुखद और चिंताजनक यह है कि ऐसी वारदातें सरेआम होती हैं, लेकिन लोग पीड़ित को बचाने तक नहीं जाते हैं, लोग तमाशबीन बने देखते रहते हैं.
कारण- प्रेम प्रसंग, ब्रेकअप व अलगाव
दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से आभास होता है कि महिलाओं के प्रति पुरुषों का दृष्टिकोण नकारात्मक है. बात चाहे कार्यस्थल की हो, मायके की हो या ससुराल की हो, हर जगह महिलाओं को भेदभाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है. इस स्थिति के विरुद्ध महिलाओं को खुद भी आवाज उठानी पड़ेगी.
मेरा मानना है कि महिलाओं से ज्यादा आवाज पुरुषों को उठाना होगा. महिलाओं के प्रति इस तरह के व्यवहार और भेदभाव की भावना गलत माहौल और नैतिक शिक्षा में कमी के कारण उत्पन्न हो रही है. सरकार के साथ ही अभिभावकों को भी चाहिए कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें. इसमें महिलाओं का सम्मान करने की शिक्षा सबसे पहली प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए.
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